दिल्ली(delhi) में प्रदूषण का अलर्ट 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य, नियम तोड़े तो भारी जुर्माना, मजदूरों को 10 हजार की राहत

On: December 17, 2025 11:44 AM
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दिल्ली(delhi) में प्रदूषण का अलर्ट 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य, नियम तोड़े तो भारी जुर्माना, मजदूरों को 10 हजार की राहत

दिल्ली (delhi)-एनसीआर में लगातार बिगड़ती हवा और खतरनाक प्रदूषण स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाया है। सरकार ने ऐलान किया है कि गुरुवार से राजधानी दिल्ली के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य होगा। इस आदेश का पालन न करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई के साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और प्रदूषण पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सके।

बढ़ते प्रदूषण ने बढ़ाई सरकार की चिंता

दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के आते ही प्रदूषण का स्तर खतरनाक हो जाता है और इस बार भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। बीते कई दिनों से राजधानी घने स्मॉग की चपेट में रही, जिससे आम लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया। खराब हवा का असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों पर सबसे ज्यादा देखा गया। इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम को अनिवार्य कर दिया है।

सरकार का मानना है कि दफ्तरों में रोजाना आने-जाने वाले लाखों कर्मचारियों की वजह से सड़कों पर ट्रैफिक बढ़ता है, जिससे वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण को और गंभीर बना देता है। वर्क फ्रॉम होम लागू होने से ट्रैफिक में कमी आएगी और हवा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद की जा रही है।

सरकारी और निजी दोनों संस्थानों पर लागू होगा आदेश

यह आदेश सिर्फ सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी कंपनियों, कॉरपोरेट ऑफिस, फैक्ट्रियों और अन्य संस्थानों पर भी लागू होगा। दिल्ली कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने साफ तौर पर कहा है कि गुरुवार से दिल्ली में हर सरकारी और निजी संस्थान को 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम कराने की व्यवस्था करनी होगी। किसी भी तरह की ढिलाई या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने बताया कि श्रम विभाग और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश के पालन पर नजर रखें। यदि कोई संस्थान नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

निर्माण मजदूरों को बड़ी राहत

प्रदूषण से निपटने के लिए लागू GRAP-3 नियमों के तहत दिल्ली में कई दिनों से निर्माण कार्य बंद है। इसका सीधा असर हजारों कंस्ट्रक्शन मजदूरों पर पड़ा है, जिनकी रोजी-रोटी इस काम से जुड़ी है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने राहत का ऐलान किया है।

दिल्ली कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि GRAP-3 के दौरान 16 दिन तक निर्माण कार्य बंद रहने से प्रभावित रजिस्टर्ड कंस्ट्रक्शन मजदूरों को 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। यह राशि सीधे मजदूरों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार ने यह भी साफ किया है कि GRAP-4 खत्म होने के बाद भी इसी आधार पर मजदूरों को राहत दी जाएगी।

दिल्ली की हवा अब भी बेहद खराब

बुधवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 329 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, यह राहत की बात है कि पिछले तीन दिनों की तुलना में प्रदूषण स्तर में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, सुबह 7 बजे दिल्ली के सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI गंभीर स्तर से नीचे दर्ज किया गया, जबकि कुछ इलाकों में यह ‘खराब’ कैटेगरी में रहा।

CPCB के आंकड़ों के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI को ‘अच्छा’, 51 से 100 को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 को ‘मध्यम’, 201 से 300 को ‘खराब’, 301 से 400 को ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 को ‘गंभीर’ माना जाता है। फिलहाल दिल्ली 300 के पार बने रहने से ‘बहुत खराब’ स्थिति में है।

मौसम ने दी थोड़ी राहत

तेज हवाओं और कोहरे में कमी की वजह से मंगलवार को प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी से बाहर आ गया था। उस दिन 24 घंटे का औसत AQI 354 रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि हवाओं की रफ्तार बढ़ने से प्रदूषक तत्वों के फैलने में मदद मिलती है, जिससे हवा की गुणवत्ता में कुछ सुधार होता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली और आसपास के इलाकों में दिनभर मध्यम कोहरा छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।

स्मॉग का असर ट्रांसपोर्ट और फ्लाइट्स पर

पिछले तीन दिनों से राजधानी में छाए घने स्मॉग ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। कम दृश्यता के चलते कई फ्लाइट्स में देरी हुई और ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी प्रभावित रहीं। सड़कों पर दृश्यता कम होने की वजह से कई जगह सड़क दुर्घटनाएं भी सामने आईं। हालांकि, बुधवार सुबह स्मॉग काफी हद तक छंट गया, जिससे लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली।

GRAP-IV के तहत सख्त पाबंदियां

बिगड़ती एयर क्वालिटी के चलते दिल्ली में फिलहाल GRAP-IV लागू है, जो प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सबसे सख्त नियमों में शामिल है। इसके तहत कई कड़े फैसले लिए गए हैं। मंगलवार को दिल्ली सरकार ने अतिरिक्त पाबंदियों की घोषणा भी की थी।

इन नियमों के तहत पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट नहीं रखने वाले वाहनों को पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, BS-VI मानकों से नीचे के गैर-दिल्ली वाहनों के राजधानी में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई है। सरकार का कहना है कि जब तक हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, तब तक ये सख्त कदम जारी रहेंगे।

शीतलहर नहीं, लेकिन हवा बनी मुसीबत

इस बार दिसंबर के महीने में भी दिल्ली में अभी तक शीतलहर का असर नहीं दिखा है। आमतौर पर जिस कड़ाके की ठंड के लिए दिल्ली जानी जाती है, वैसी ठंड फिलहाल नहीं पड़ी है। इसके बावजूद शहर और NCR में छाया कोहरा मुख्य रूप से खतरनाक प्रदूषण की वजह से रहा, न कि मौसम में अत्यधिक ठंड के कारण।

सरकार और विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द ही प्रदूषण के स्तर में सुधार नहीं हुआ, तो आगे और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल वर्क फ्रॉम होम, निर्माण कार्यों पर रोक और ट्रैफिक से जुड़े नियमों के जरिए प्रदूषण पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है।

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